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सौरभ सर क्लासेस
स्टेशन रोड पारसबाद — सफलता का सही जगह
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answers)
1. प्रथम विश्व युद्ध कब हुआ?
उत्तर: 1914 से 1918 ई. तक।
2. गैट (GATT) की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1948 ई. में।
3. आर्थिक महामंदी की शुरुआत कब हुई?
उत्तर: 1929 ई. से।
4. अमेरिका में ब्रेटन वुड्स समझौता कब हुआ?
उत्तर: 1944 ई. में।
5. अमेरिका के किस क्षेत्र को 'सोने का शहर' कहा जाता था?
उत्तर: एल डोराडो को।
6. 'आलू अकाल' किस देश में हुआ था?
उत्तर: आयरलैंड में।
7. किस देश में मक्का के आयात पर रोक लगाने के लिए 'कॉर्न लॉ' पारित किया गया?
उत्तर: ब्रिटेन में।
8. कॉर्न लॉ द्वारा ब्रिटेन में किस अनाज का आयात रोका गया?
उत्तर: मक्का का।
9. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की स्थापना 1944 में किस सम्मेलन में हुई?
उत्तर: ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में।
10. धन-निष्कासन के सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया था?
उत्तर: दादाभाई नौरोजी ने।
11. एशिया को यूरोप और उत्तरी अफ्रीका से जोड़ने वाले मार्गों को क्या कहते हैं?
उत्तर: सिल्क मार्ग (रेशम मार्ग)।
12. व्यापार, श्रम और पूँजी के प्रवाह से क्या बनता है?
उत्तर: भूमंडलीकरण (ग्लोबलाइजेशन)।
13. उन्नीसवीं सदी में भारत से दूसरे देशों में गए अनुबंधित मजदूरों को क्या कहा जाता था?
उत्तर: गिरमिटिया मजदूर।
14. इंग्लैंड कपास का आयात मुख्य रूप से कहाँ से करता था?
उत्तर: भारत से।
15. बड़े पैमाने पर उत्पादन (वृहत् उत्पादन) के प्रसिद्ध जनक कौन थे?
उत्तर: हेनरी फोर्ड।
16. युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए पैसे का इंतजाम करने के लिए कौन-सा बैंक बना?
उत्तर: विश्व बैंक।
17. 1928 से 1934 के बीच भारत में गेहूँ की कीमत कितना प्रतिशत गिरी?
उत्तर: 50 प्रतिशत।
18. द्वितीय विश्व युद्ध कितने साल तक लड़ा गया?
उत्तर: 6 साल (1939-1945)।
19. संयुक्त राष्ट्र संघ में किन देशों को विशेष अधिकार प्राप्त है?
उत्तर: पाँच स्थायी देशों को 'वीटो' का अधिकार।
20. वीटो अधिकार क्या करता है?
उत्तर: इससे एक ही सदस्य देश की असहमति से किसी भी प्रस्ताव को रद्द किया जा सकता है।
21. पशुओं में प्लेग की तरह फैलने वाली बीमारी को क्या कहते हैं?
उत्तर: रिंडरपेस्ट।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers)
1. प्रथम विश्व युद्ध के बाद दुनिया को किस संकट का सामना करना पड़ा?
उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध के बाद दुनिया को आर्थिक महामंदी का सामना करना पड़ा।
2. रिंडरपेस्ट से क्या समझते हैं?
उत्तर: यह पशुओं में फैलने वाली प्लेग जैसी बीमारी है। इससे 1890 के दशक में अफ्रीका के हज़ारों पशु मर गए, जिससे वहाँ के लोगों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा।
3. युद्ध के बाद बनी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: (क) औद्योगिक देशों में आर्थिक स्थिरता बनाए रखना। (ख) लोगों को पूरा रोज़गार देने के साधन विकसित करना।
4. असेंबली लाइन से क्या समझते हैं?
उत्तर: जब किसी मशीन के अलग-अलग पुर्जे अलग-अलग जगहों पर बनाकर बाद में एक जगह जोड़े जाते हैं, तो इस तरीके को असेंबली लाइन कहते हैं।
5. G-77 (समूह 77) से क्या समझते हैं?
उत्तर: यह गरीब और विकासशील देशों का एक संगठन है। IMF और विश्व बैंक का फायदा सिर्फ विकसित देशों को हुआ, इसलिए विकासशील देशों ने अपने हितों के लिए मिलकर G-77 समूह बनाया।
6. ब्रेटन वुड्स कहाँ है और क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर: ब्रेटन वुड्स अमेरिका के न्यू हैम्पशर में है। 1944 में यहाँ हुए सम्मेलन में दुनिया की आर्थिक स्थिरता और पूर्ण रोज़गार को लेकर सहमति बनी थी।
7. गिरमिटिया मजदूर का क्या मतलब है?
उत्तर: गिरमिटिया मजदूर वे मजदूर थे जो एक तय समय के लिए अनुबंध (एग्रीमेंट) के तहत किसी दूसरे देश में काम करने जाते थे।
8. आयात शुल्क क्या है?
उत्तर: दूसरे देश से आने वाले सामान पर सीमा, बंदरगाह या हवाई अड्डे पर लिया जाने वाला कर आयात शुल्क कहलाता है।
9. 'होज़े' किसे कहते हैं?
उत्तर: त्रिनिदाद (दक्षिणी अमेरिका) में इमाम हुसैन की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम के मेले को 'होज़े' कहते हैं।
10. हाथ से बने वस्त्रों की दो खासियतें बताएँ।
उत्तर:
(क) मशीनें एक जैसा सामान बनाती थीं, पर बाज़ार में खास डिज़ाइन वाली चीज़ों की माँग होती थी, जिन्हें बनाने के लिए इंसानी हुनर की ज़रूरत पड़ती थी।
(ख) विक्टोरिया काल में ब्रिटेन के अमीर लोग हाथ से बनी चीज़ों को ज़्यादा पसंद करते थे क्योंकि उनकी फिनिश अच्छी होती थी और हर चीज़ अलग व खास होती थी।
(क) मशीनें एक जैसा सामान बनाती थीं, पर बाज़ार में खास डिज़ाइन वाली चीज़ों की माँग होती थी, जिन्हें बनाने के लिए इंसानी हुनर की ज़रूरत पड़ती थी।
(ख) विक्टोरिया काल में ब्रिटेन के अमीर लोग हाथ से बनी चीज़ों को ज़्यादा पसंद करते थे क्योंकि उनकी फिनिश अच्छी होती थी और हर चीज़ अलग व खास होती थी।
11. कॉर्न लॉ से क्या समझते हैं?
उत्तर: 18वीं सदी के आखिर में ब्रिटेन की आबादी तेज़ी से बढ़ी, जिससे अनाज की माँग और कीमत बढ़ गई। बड़े ज़मींदारों के दबाव में सरकार ने बाहर से अनाज (मक्का) के आयात पर रोक लगा दी। इन्हीं कानूनों को कॉर्न लॉ कहा जाता है।
12. ब्रिटिश सरकार ने किसके दबाव में कॉर्न लॉ लागू किया और किस चीज़ के आयात पर रोक लगाई?
उत्तर: ब्रिटिश सरकार ने बड़े ज़मींदारों के दबाव में कॉर्न लॉ लागू किया और मक्का के आयात पर रोक लगाई।
13. G-77 की स्थापना क्यों हुई?
उत्तर: 1950-60 के दशक में विकासशील देशों को पश्चिमी देशों की तरक्की से कोई फायदा नहीं हो रहा था, इसलिए उन्होंने अपना समूह बनाया, जिसे G-77 कहा गया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers)
1. कॉर्न लॉ खत्म करने के फैसले का क्या असर हुआ?
उत्तर: ब्रिटिश संसद ने 19वीं सदी में ज़मींदारों के फायदे के लिए कॉर्न लॉ बनाया था, जिससे बाहर से अनाज नहीं आ पाता था। इससे ब्रिटेन में खाने की चीज़ों के दाम बढ़ गए और जनता में हाहाकार मच गया। मजबूर होकर सरकार को यह कानून हटाना पड़ा। इसके असर:
- खाने-पीने की चीज़ें सस्ती हो गईं, जिससे गरीब जनता को फायदा हुआ।
- बाहर से सस्ता अनाज आने लगा, जिससे इंग्लैंड के ज़मींदार बर्बाद हो गए।
- बहुत सी ज़मीन बंजर हो गई और किसान बेरोज़गार हो गए।
- बेरोज़गार लोग काम की तलाश में शहरों की तरफ भागने लगे, जिससे शहरों की हालत भी खराब हो गई।
2. G-77 क्या है? इसे ब्रेटन वुड्स की 'जुड़वा संतान' की प्रतिक्रिया क्यों कहा जाता है?
उत्तर: G-77 विकासशील देशों का एक समूह है, जिन्हें 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के नियमों से कोई फायदा नहीं हुआ।
ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में IMF और विश्व बैंक बने, जिन्हें 'जुड़वा संतान' कहा जाता है क्योंकि इन दोनों पर सिर्फ ताकतवर विकसित देशों का दबदबा था। विकासशील देशों को इनसे कोई खास फायदा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने प्रतिक्रिया में G-77 बनाकर नई आर्थिक व्यवस्था की माँग की, ताकि:
ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में IMF और विश्व बैंक बने, जिन्हें 'जुड़वा संतान' कहा जाता है क्योंकि इन दोनों पर सिर्फ ताकतवर विकसित देशों का दबदबा था। विकासशील देशों को इनसे कोई खास फायदा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने प्रतिक्रिया में G-77 बनाकर नई आर्थिक व्यवस्था की माँग की, ताकि:
- अपने संसाधनों पर उनका खुद का नियंत्रण हो।
- विकास के लिए ज़्यादा मदद मिले।
- कच्चे माल के सही दाम मिलें।
- अपने तैयार माल को विकसित देशों के बाज़ारों में बेचने का मौका मिले।
3. अमेरिकी महाद्वीपों को अपने अधीन करने में बीमारियों ने क्या भूमिका निभाई?
उत्तर: स्पेनिश आक्रमणकारियों का सबसे बड़ा हथियार तलवार-बंदूक नहीं, बल्कि चेचक जैसे रोगाणु थे, जो उनके साथ अमेरिका पहुँचे। चूँकि अमेरिका के लोग लंबे समय तक बाकी दुनिया से कटे रहे थे, इसलिए उनके शरीर में इन बीमारियों से लड़ने की ताकत नहीं थी। इस वजह से चेचक बहुत तेज़ी से फैली और पूरे महाद्वीप के लोगों और समुदायों को तबाह कर दिया।
4. भारतीय अर्थव्यवस्था पर आर्थिक महामंदी का क्या असर पड़ा?
उत्तर:
- 1929-1934 के दौरान भारत के आयात-निर्यात व्यापार में करीब 50% की कमी आई।
- बंगाल के जूट (पटसन) उत्पादकों पर सबसे बुरा असर पड़ा, जूट की कीमतें 60% तक गिर गईं और किसान भारी कर्ज में डूब गए।
- छोटे किसानों की हालत भी खराब हो गई, पर सरकार ने उनके टैक्स में कोई राहत नहीं दी।
- इसी आर्थिक तंगी की वजह से 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ, क्योंकि गाँवों में बहुत अशांति फैल गई थी।
5. वीटो क्या है? युद्ध के बाद की आर्थिक व्यवस्था को 'ब्रेटन वुड्स व्यवस्था' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: वीटो एक ऐसा अधिकार है जिससे किसी एक सदस्य देश की असहमति से भी कोई प्रस्ताव रद्द हो सकता है।
युद्ध के बाद बनी आर्थिक व्यवस्था को ब्रेटन वुड्स व्यवस्था कहा जाता है क्योंकि:
युद्ध के बाद बनी आर्थिक व्यवस्था को ब्रेटन वुड्स व्यवस्था कहा जाता है क्योंकि:
- दूसरे विश्व युद्ध के बाद टूटी हुई विश्व अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 1944 में अमेरिका में ब्रेटन वुड्स समझौता हुआ। इसका मकसद औद्योगिक देशों में आर्थिक स्थिरता और पूरा रोज़गार बनाए रखना था।
- सदस्य देशों के व्यापार घाटे से निपटने के लिए IMF बनाया गया।
- युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए पैसे जुटाने को विश्व बैंक बनाया गया।
6. अफ्रीका में रिंडरपेस्ट (पशु प्लेग) के आने के क्या असर हुए?
उत्तर: रिंडरपेस्ट पशुओं में फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी थी, जो 1890 के दशक में अफ्रीका में महामारी की तरह फैली। यह बीमारी उन जानवरों से फैली जिन्हें भारतीय सैनिकों के खाने के लिए बाहर से मंगाया गया था।
असर:
असर:
- अफ्रीका के करीब 90% पशु मर गए।
- लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था बुरी तरह तबाह हो गई।
- अपने पशु खोकर बेसहारा हुए लोगों को मजबूरी में विदेशी शासकों के लिए मजदूरी करनी पड़ी।
- लोगों के बर्बाद होने से यूरोपीय देशों के लिए अफ्रीका पर कब्ज़ा करना आसान हो गया।
7. तकनीक ने खाद्य पदार्थों की उपलब्धता पर क्या असर डाला?
उत्तर: रेलवे, भाप के जहाज़, टेलीग्राफ और रेफ्रिजरेटर वाले जहाज़ों जैसी तकनीकों ने खाने-पीने की चीज़ों की उपलब्धता पर गहरा असर डाला:
- तेज़ रेलगाड़ियों और बड़े जहाज़ों से खाने की चीज़ें दूर के बाज़ारों में सस्ते में और आसानी से पहुँचने लगीं।
- रेफ्रिजरेटर वाले जहाज़ों से मांस, फल जैसी जल्दी खराब होने वाली चीज़ें भी लंबी यात्रा में सुरक्षित रह पाईं।
8. दो विश्व युद्धों के बीच की आर्थिक परिस्थितियों से क्या सबक मिला?
उत्तर:
- युद्धों के बीच का आर्थिक दौर बहुत खराब रहा, कई देश और शहर तबाह हो गए।
- अर्थशास्त्रियों और नेताओं ने सीखा कि औद्योगिक देशों की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना ज़रूरी है।
- साथ ही यह भी समझ आया कि दुनिया के सभी देश आर्थिक रूप से एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
9. आर्थिक महामंदी (1929) के क्या कारण थे?
उत्तर: 1929 में पूरी दुनिया एक बड़े आर्थिक संकट में फँस गई, जो अमेरिका से शुरू होकर 1931 तक (रूस को छोड़कर) कई देशों में फैल गया।
कारण:
कारण:
- औद्योगिक क्रांति से ज़रूरत से ज़्यादा सामान बनने लगा, जिसे 1930 में अमेरिका में खरीदने वाला कोई नहीं बचा।
- प्रथम विश्व युद्ध से यूरोप के देश इतने बर्बाद हो गए थे कि वे अमेरिका से सामान खरीद ही नहीं पा रहे थे।
- सामान न बिकने से फैक्ट्रियाँ बंद हुईं और हज़ारों मज़दूर बेरोज़गार हो गए।
- फैक्ट्रियाँ बंद होने से किसानों की फसल भी नहीं बिकी, जिससे उनकी कमाई घट गई।
- अमेरिका के शेयर बाज़ार में शेयरों के दाम गिरने से करीब 1 लाख व्यापारी दिवालिया हो गए।
10. प्रथम विश्व युद्ध का कृषि अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?
उत्तर:
- युद्ध के दौरान खेती और खाने की चीज़ों की सप्लाई पर दबाव पड़ा।
- लोग और घोड़े खेती छोड़कर युद्ध में चले गए।
- समुद्री नाकाबंदी से खाने की चीज़ों का आयात कम हो गया।
- युद्ध के दौरान अनाज का उत्पादन घटा और कीमतें बढ़ गईं।
- युद्ध के बाद किसानों पर भारी कर्ज़ हो गया।
- उनके पास ज़रूरत से ज़्यादा ज़मीन और औज़ार थे, पर माल की माँग घट गई।
- ज़्यादा माल होने से ज़मीन और फसल की कीमतें गिर गईं।
- गेहूँ की अधिकता हो गई और अनाज के दाम गिर गए।
- गाँव वालों की कमाई घट गई और किसान गहरे कर्ज़ में डूब गए।
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